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हरमाड़ा (सीपी गहलोत) मुरलीपुरा इलाके की आधा दर्जन कॉलोनियों में दो दिन से पेयजल किल्लत झेल रहे लोगों का रविवार को आक्रोश फूट पड़ा। क्षेत्र की शिवनगर-प्रथम, शिव नगर-द्वितीय, जमुनापुरी, देवधारा कॉलोनी, रामेश्वरधाम, मुरलीपुरा स्कीम के ए, बी, सी, डी, ई ब्लॉक के लोगों ने जलदाय विभाग के पंप हाउस पर एकत्रित होकर प्रदर्शन किया। लोगों ने अधीक्षण अभियंता आरसी मीना, एक्सईन पवन अग्रवाल, एईएन महेंद्र वर्मा व जेईएन सांवरमल ढाका के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं निगम वार्ड 2 की आधा दर्जन कॉलोनियों की महिलाओं ने खाली मटके लेकर रविवार शाम को बेनाड़ रोड पर जाम लगा दिया। महिलाएं पार्षद किशन अजमेरा व जलदाय विभाग के एईएन व जेईएन पर सुनवाई नहीं करने का आरोप लगा रही थी। विभाग के एईएन महेंद्र वर्मा का कहना है कि मुरलीपुरा मे शनिवार रात को किसी भारी वाहन के कारण पाइपलाइन टूट गई थी। मुरलीपुरा के ई ब्लॉक में कोई व्यक्ति कनेक्शन कर रहा था। इससे पाइपलाइन टूट गई थी। मुरलीपुरा में पेयजल सप्लाई के ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस का काम कॉन्ट्रेक्टर फर्म श्याम इण्डस्ट्रीज देख रही है। हमने रात भर लगते पाइपलाइन को सही किया है। दोपहर व शाम को प्रभावित इलाके में पेयजल सप्लाई करवा दी। वहीं बेनाड़ रोड क्षेत्र में कॉलोनियों की समितियां ही पेयजल सप्लाई का काम देख रही है। पीने के पानी का इंतजाम नहीं, टैंकरोंं में भी मनमर्जी.......... बेनाड़ रोड की अधिकांश कॉलोनियों में बीसलपुर प्रोजेक्ट से पेयजल सप्लाई नहीं होती है। यहां पर ट्यूबवेलों के जरिए पीने का पानी देते है। प्रदर्शन कर रही देवनगर व पवनपुरी कॉलोनी की महिलाओं का कहना था कि पार्षद किशन अजमेरा व विभाग के इंजीनियर सुनवाई नहीं कर रहे है। ये लोग सरकारी टैंकर भी अपने हिसाब से भेजते है। ऐसे में ज्यादातार लोगों को प्राइवेट टैंकर खरीदने पड़ते है। जबकि प्राइवेट टैंकर वाले 400 से 500 रुपए तक वसूल रहे है। आम जनता पेयजल के लिए परेशान हो रही है। कम गहराई पर डाली हुई है पाइपलाइन........... मुरलीपुरा इलाके में इंजीनियरों की लापरवाही के कारण पाइपलाइन केवल एक से डेढ़ फीट की गहराई पर ही डाली हुई है। पाइपलाइन डालने के दौरान स्थानीय लोगों ने विभाग के इंजीनियरों की शिकायत भी की थी, लेकिन तब इंजीनियरों ने पूरी गहराई पर पाइपलाइन डालने का दावा कर करते हुए एमबी भर दी और ठेकेदार को ज्यादा पेेमेंट भी कर दिया। लेकिन अब भारी वाहन गुजरने से ही पाइपलाइन टूट रही है। इससे लोगों को पेयजल किल्लत का सामना करना पड़






















हरमाड़ा (सीपी गहलोत) मुरलीपुरा इलाके की आधा दर्जन कॉलोनियों में दो दिन से पेयजल किल्लत झेल रहे लोगों का रविवार को आक्रोश फूट पड़ा। क्षेत्र की शिवनगर-प्रथम, शिव नगर-द्वितीय, जमुनापुरी, देवधारा कॉलोनी, रामेश्वरधाम, मुरलीपुरा स्कीम के ए, बी, सी, डी, ई ब्लॉक के लोगों ने जलदाय विभाग के पंप हाउस पर एकत्रित होकर प्रदर्शन किया। लोगों ने अधीक्षण अभियंता आरसी मीना, एक्सईन पवन अग्रवाल, एईएन महेंद्र वर्मा व जेईएन सांवरमल ढाका के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं निगम वार्ड 2 की आधा दर्जन कॉलोनियों की महिलाओं ने खाली मटके लेकर   रविवार शाम को बेनाड़ रोड पर जाम लगा दिया। महिलाएं पार्षद किशन अजमेरा व जलदाय विभाग के एईएन व जेईएन पर सुनवाई नहीं करने का आरोप लगा रही थी। 
विभाग के एईएन महेंद्र वर्मा का कहना है कि मुरलीपुरा मे शनिवार रात को किसी भारी वाहन के कारण पाइपलाइन टूट गई थी। मुरलीपुरा के ई ब्लॉक में कोई व्यक्ति कनेक्शन कर रहा था। इससे पाइपलाइन टूट गई थी। मुरलीपुरा में पेयजल सप्लाई के ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस का काम कॉन्ट्रेक्टर फर्म श्याम इण्डस्ट्रीज देख रही है। हमने रात भर लगते पाइपलाइन को सही किया है। दोपहर व शाम को प्रभावित इलाके में पेयजल सप्लाई करवा दी। वहीं बेनाड़ रोड क्षेत्र में कॉलोनियों की समितियां ही पेयजल सप्लाई का काम देख रही है। 
पीने के पानी का इंतजाम नहीं, टैंकरोंं में भी मनमर्जी.......... 
बेनाड़ रोड की अधिकांश कॉलोनियों में बीसलपुर प्रोजेक्ट से पेयजल सप्लाई नहीं होती है। यहां पर ट्यूबवेलों के जरिए पीने का पानी देते है। प्रदर्शन कर रही देवनगर व पवनपुरी कॉलोनी की महिलाओं का कहना था कि पार्षद किशन अजमेरा व विभाग के इंजीनियर सुनवाई नहीं कर रहे है। ये लोग सरकारी टैंकर भी अपने हिसाब से भेजते है। ऐसे  में ज्यादातार लोगों को प्राइवेट टैंकर खरीदने पड़ते है। जबकि प्राइवेट टैंकर वाले 400 से 500 रुपए तक वसूल रहे है। आम जनता पेयजल के लिए परेशान हो रही है। 


कम गहराई पर डाली हुई है पाइपलाइन........... 
मुरलीपुरा इलाके में इंजीनियरों की लापरवाही के कारण पाइपलाइन केवल एक से डेढ़ फीट की गहराई पर ही डाली हुई है। पाइपलाइन डालने के दौरान स्थानीय लोगों ने विभाग के इंजीनियरों की शिकायत भी की थी, लेकिन तब इंजीनियरों ने पूरी गहराई पर पाइपलाइन डालने का दावा कर करते हुए एमबी भर दी और ठेकेदार को ज्यादा पेेमेंट भी कर दिया। लेकिन अब भारी वाहन गुजरने से ही पाइपलाइन टूट रही है। इससे लोगों  को पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ 
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