चौमूं(नि.सं.)। शहर में जिला परिवहन कार्यालय में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक लाइट नहीं आने से लाइसेंस और फिटनेस ट्रांसफर संबंधित आदि कार्य नहीं होने से आमजन को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। जब आमजन की परेशानियों को आला अधिकारियों ने नजर अंदाज किया। लोगों ने वहां उपस्थित अधिकारियों से जनरेटर चलाने को कहा, लेकिन आला अधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी। उन्होंने कहा कि जरनेटर के अंदर डीजल नहीं है ऐसा कहकर नजर अदांज कर दिया। इस कार्यालय का भगवान ही मालिक है, क्या डीजल का काम आमजन करेगा या जिला परिवहन कार्यालय में लगे कर्मचारी इसकी व्यवस्था बनाने का काम करेंगे। सुबह से शाम तक जनता गर्मी से बेहाल अपने रोजमर्रा के कार्यों को छोड़कर लाइसेंस, फिटनेस और गाड़ी ट्रांसफर के कार्य करवाने हेतु जिला परिवहन कार्यालय में बैठे रहे, लेकिन उनकी इस पीड़ा को किसी भी अधिकारी ने गंभीरता से नहीं लिया। अगर वक्त रहते ऐसे अधिकारियों पर आला अधिकारी उचित कार्रवाई नहीं करते हैं तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं और भविष्य में कभी भी कोई अप्रिय घटना जिला परिवहन कार्यालय में हो सकती है। जब मैं संवाददाता जिला परिवहन कार्यालय पहुंचा और उन्होंने वहां उपस्थित लोगों की समस्याएं जानी तो उन्होंने आला अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की। लेकिन वहां उपस्थित निरीक्षक संतोष जवाब नहीं दे पाये। मुझे स्थानीय लोगों ने बताया कि यहां लाइट कटौती और सरवर डाउन की व्यवस्था रोजाना एक-दो घंटे लगातार बनी रहती है कभी भी समय पर कोई कार्य नहीं होता है। लाइसेंस 10 या 15 दिन में मिलते हैं व ट्रांसफर 10 या 15 दिन में मिलते हैं। इससे साफ जाहिर है कि जनता का क्रोध कभी भी इन कर्मचारियों को भुगतना पड़ेगा।
जिला परिवहन कार्यालय में हालात बदतर
चौमूं(नि.सं.)। शहर में जिला परिवहन कार्यालय में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक लाइट नहीं आने से लाइसेंस और फिटनेस ट्रांसफर संबंधित आदि कार्य नहीं होने से आमजन को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। जब आमजन की परेशानियों को आला अधिकारियों ने नजर अंदाज किया। लोगों ने वहां उपस्थित अधिकारियों से जनरेटर चलाने को कहा, लेकिन आला अधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी। उन्होंने कहा कि जरनेटर के अंदर डीजल नहीं है ऐसा कहकर नजर अदांज कर दिया। इस कार्यालय का भगवान ही मालिक है, क्या डीजल का काम आमजन करेगा या जिला परिवहन कार्यालय में लगे कर्मचारी इसकी व्यवस्था बनाने का काम करेंगे। सुबह से शाम तक जनता गर्मी से बेहाल अपने रोजमर्रा के कार्यों को छोड़कर लाइसेंस, फिटनेस और गाड़ी ट्रांसफर के कार्य करवाने हेतु जिला परिवहन कार्यालय में बैठे रहे, लेकिन उनकी इस पीड़ा को किसी भी अधिकारी ने गंभीरता से नहीं लिया। अगर वक्त रहते ऐसे अधिकारियों पर आला अधिकारी उचित कार्रवाई नहीं करते हैं तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं और भविष्य में कभी भी कोई अप्रिय घटना जिला परिवहन कार्यालय में हो सकती है। जब मैं संवाददाता जिला परिवहन कार्यालय पहुंचा और उन्होंने वहां उपस्थित लोगों की समस्याएं जानी तो उन्होंने आला अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की। लेकिन वहां उपस्थित निरीक्षक संतोष जवाब नहीं दे पाये। मुझे स्थानीय लोगों ने बताया कि यहां लाइट कटौती और सरवर डाउन की व्यवस्था रोजाना एक-दो घंटे लगातार बनी रहती है कभी भी समय पर कोई कार्य नहीं होता है। लाइसेंस 10 या 15 दिन में मिलते हैं व ट्रांसफर 10 या 15 दिन में मिलते हैं। इससे साफ जाहिर है कि जनता का क्रोध कभी भी इन कर्मचारियों को भुगतना पड़ेगा।

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