नावां सिटी। कमलेश पारीक। उपखण्ड के निकटवर्ती ग्राम पंचायत पाचोता में रविवार को कुंड स्थान के पास भन्दे में मनरेगा के काम के भुगतान में कम मजदूरी दी जाने की बात को लेकर करीब 50
महिलाओं ने सरपंच के घर एवं सरपंच पति की दुकान के पास धरना दिया और मजदूरी में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए विरोध जताया । महिलाओं का कहना था कि मनरेगा में मजदूर न्यूनतम मजदूरी के हिसाब से रुपये 199 का भुगतान होना चाहिए था लेकिन इस काम में उन्हें प्रतिदिन किसी को 20 तो किसी को 24 रुपये के हिसाब से ही भुगतान किया गया । उन्होंने बताया कि पहले जितने भी काम पंचायत द्वारा कराए गए उनमें उनको 150 रुपये से लेकर अधिकतम राशि का प्रतिदिन के हिसाब से भुगतान किया गया था इस संबंध में पाचोता सरपंच चंद्रकांता जैन से पूछने पर उन्हें बताया कि यह काम सिंचाई विभाग के द्वारा कराया जा रहा है उक्त कार्य का भुगतान का काम सिंचाई विभाग के अधिकारियों द्वारा किया गया है । इस भुगतान में पंचायत की कोई भूमिका नही है।
कम मजदूरी मिलने पर महिलाओ ने जताया रोष पहुंची उपखंड कार्यालय- - सोमवार को पाचोता ग्राम पंचायत के मनरेगा श्रमिक नावा उपखंड कार्यालय पहुंचे जहां उन्होंने उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया कि ग्राम दानपुरा की महिला मजदूर द्वारा नरेगा योजना में मेहनत की कमाई हड़पने वाले ग्राम पंचायत पाचोता के मेट को शीघ्र हटाने व पाचोता सरपंच चंद्रकांता जैन व नरेगा ग्राम सेवक के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने व 15 दिवस के अंदर में अगर कार्रवाई नहीं हुई तो भूख हड़ताल करने की बात कही।
मनरेगा श्रमिकों ने आरोप लगाया है कि मेट द्वारा मनमानी तरीके से हाजरी व माप लगा कर मजदूरी का भुगतान किया गया है जो हम मजदूरों को 24 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से हाजरी दी जा रही है और अपने निजी रिश्तेदारों को जो कभी काम करने ही नहीं आए उनको 153 रुपये के हिसाब से मजदूरी दी जा रही है जो हमारे साथ अन्याय है । महिला श्रमिको ने सरपंच पति नेमीचंद जेन पर आरोप लगाते हुए बताया कि जब महिलाए किसी कार्य को लेकर सरपंच से मिलती है तो सरपंच पति अभद्र व्यवहार करता है,एवं महिला मजदूरों को धमकाता रहता है।
इनका कहना---
जितना कार्य मनरेगा श्रमिकों द्वारा किया गया उतना कार्य करने का वेतन दे दिया गया है। इसमें सरपंच और पंचायत समिति का कोई रोल नहीं है।जितना काम उतना दाम की तर्ज पर सभी श्रमिको का भुगतान हुआ है।
विमला परिहार, कनिष्ठ अभियंता, सिंचाई विभाग परबतसर,
मेरे ऊपर जो आरोप लगाए गए हैं वह निराधार है क्योंकि इस कार्य की एजेंसी ही दूसरी है, जो सिंचाई विभाग के अंतर्गत है। जिससे हमें कोई लेना देना नहीं है। इस कार्य को लेकर जो आरोप लगाए गए हैं, वह राजनीति लाभ को लेकर लगाए गए है । ग्राम पंचायत को सिंचाई विभाग द्वारा श्रमिक देने का आग्रह किया गया था, इस पर मांग के अनुसार श्रमिक उपलब्ध कराए गए ।भुगतान कम आने में पंचायत की कोई भूमिका नहीं है।
चंद्रकांता जैन, सरपंच ग्राम पंचायत पाचोता,
प्रकरण में सिंचाई विभाग द्वारा ही कार्य कराया गया है कार्य नाप किया गया । जिसके आधार पर पि ओ आईडी से भुगतान किया गया हैं नरेगा के प्रावधानों के अनुरूप जितना काम उतना दाम दिया गया है।
रामनिवास चौधरी, विकास अधिकारी पंचायत समिति नावा,
फोटो01उपखण्ड अधिकारी को ज्ञापन देती मनरेगा श्रमिक

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