फुलेरा न्यूज :- रेल प्रशासन की अनदेखी के चलते फुलेरा रेल्वे स्टेशन के प्लेटफार्म नं. 1. 4 व 5 पर आधारभूत सुविधाओं की भी पूर्ति रेल प्रशासन के द्वारा नहीं की जा रही है। इन प्लेटफार्म पर ना तो सुलभ शौचालय की व्यवस्थायें है और ना ही पीने के पानी की समुचित व्यवस्था। रेल स्टेशन पर सारे दिन गाडीयों का आवागमन लगा रहता है परन्तु इन सब के पश्चात भी मुसाफिरों काे दी जाने वाली सुविधाएं नगण्य है। वही दूसरी ओर प्लेटफार्म नं. 4 व 5 पर तो आवारा पशुआंे का जमावडा बना ही रहता है, जिसके कारण हमेशा दुघर्टना का अंदेशा बना रहता है, मुसाफिर भी सुरक्षित नही है। सफाई व्यवस्था के नाम से मात्र दो-तीन कचरा पात्र रख दियें जाते है, जिन्हे भी इन पशुओं के द्वारा गिराकर पूरे प्लेटफार्म पर गांदगी पैर पसारे पडी रहती है। जहां एक ओर फुलेरा रेल्वे स्टेशन को मॉडल स्टेशन की सूची में रखा जाता है, वही दूसरी ओर जिम्मेदार कर्मचारी व अधिकारीयों की लापरवाही के कारण मुसाफिर को ना सुरक्षा मिल रही है ना ही मूलभूत सुविधायें। प्लेटफार्म नं.2 व 3 पर जरूर एक शौचालय बना हुआ है वह भी मुसाफिरों की पहुंच से दूरी पर बना हुआ है। पीने के पानी के वाटर कूलर्स अवश्य लगे हुए है परन्तु उन पर नल की जगह गुल्ली लगी हुई है, रेलयात्रीगण पानी पिये तो कैसे। भला हो दैनिक रेलयात्री संघ एकीकृत व फुलेरा व्यापार महासंघ का जिनके सौजन्य से भीषण गर्मी में ठण्डे पानी पिलाकर मुसाफिरों को थोडी राहत प्रदान की जा रही है, इस सेवा में उनका सहयोग राजस्थान स्काउट एण्ड गाईड व वरिष्ठ नागरिकगण कर रहे है। जिनके कारण प्लेटफार्म नं. 2 व 3 पर आने वाली गाडीयों के मुसाफिरों को तो ठण्डा पानी नसीब हो जाता है।
रेल प्रशासन की अनदेखी के चलते मुसाफिरों को मूलभूत सुविधाये भी नही
फुलेरा न्यूज :- रेल प्रशासन की अनदेखी के चलते फुलेरा रेल्वे स्टेशन के प्लेटफार्म नं. 1. 4 व 5 पर आधारभूत सुविधाओं की भी पूर्ति रेल प्रशासन के द्वारा नहीं की जा रही है। इन प्लेटफार्म पर ना तो सुलभ शौचालय की व्यवस्थायें है और ना ही पीने के पानी की समुचित व्यवस्था। रेल स्टेशन पर सारे दिन गाडीयों का आवागमन लगा रहता है परन्तु इन सब के पश्चात भी मुसाफिरों काे दी जाने वाली सुविधाएं नगण्य है। वही दूसरी ओर प्लेटफार्म नं. 4 व 5 पर तो आवारा पशुआंे का जमावडा बना ही रहता है, जिसके कारण हमेशा दुघर्टना का अंदेशा बना रहता है, मुसाफिर भी सुरक्षित नही है। सफाई व्यवस्था के नाम से मात्र दो-तीन कचरा पात्र रख दियें जाते है, जिन्हे भी इन पशुओं के द्वारा गिराकर पूरे प्लेटफार्म पर गांदगी पैर पसारे पडी रहती है। जहां एक ओर फुलेरा रेल्वे स्टेशन को मॉडल स्टेशन की सूची में रखा जाता है, वही दूसरी ओर जिम्मेदार कर्मचारी व अधिकारीयों की लापरवाही के कारण मुसाफिर को ना सुरक्षा मिल रही है ना ही मूलभूत सुविधायें। प्लेटफार्म नं.2 व 3 पर जरूर एक शौचालय बना हुआ है वह भी मुसाफिरों की पहुंच से दूरी पर बना हुआ है। पीने के पानी के वाटर कूलर्स अवश्य लगे हुए है परन्तु उन पर नल की जगह गुल्ली लगी हुई है, रेलयात्रीगण पानी पिये तो कैसे। भला हो दैनिक रेलयात्री संघ एकीकृत व फुलेरा व्यापार महासंघ का जिनके सौजन्य से भीषण गर्मी में ठण्डे पानी पिलाकर मुसाफिरों को थोडी राहत प्रदान की जा रही है, इस सेवा में उनका सहयोग राजस्थान स्काउट एण्ड गाईड व वरिष्ठ नागरिकगण कर रहे है। जिनके कारण प्लेटफार्म नं. 2 व 3 पर आने वाली गाडीयों के मुसाफिरों को तो ठण्डा पानी नसीब हो जाता है।

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