भोली देवी मेघवाल ने महिला आयोग व डीजीपी से लगाई न्याय की गुहार
पुलिस पर लगाया निष्पक्ष कार्यवाही नही करने के आरोप,
नाबालिक युवती को भगाकर ले जाने वाला युवक अभी भी पुलिस की गिरफ्त से दूर,
नावासिटी- भोली देवी पत्नी स्वर्गीय रामेश्वर लाल मेघवाल निवासी शहीदपूरा तन गुड्डा साल्ट तहसील नावां जिला नागौर ने महिला आयोग व डीजीपी जयपुर राजस्थान को पत्र लिखकर उचित न्याय दिलवाने की फरियाद की है।
पत्र में बताया है कि मेरी नाबालिक दोहिती बदल हुआ नाम मोहिनी मेरे पास जन्म से रह रही थी। और नवी कक्षा तक पढ़ी हुई है। उसे मेरे ही गांव के दिनेश जाट पुत्र ओकारमल जाट निवासी बावडीया की ढाणी गुड्डा साल्ट द्वारा 22 मई 2019 को दोपहर करीब 3:00 बजे बहला-फुसलाकर भगा ले गया जिसकी रिपोर्ट मेरे द्वारा पुलिस थाना नावा में नामजद प्रस्तुत की गई जो एफ आई आर नंबर 86/19 है जो धारा 363 ,366, 3/2 एससी एसटी एक्ट में दर्ज कि हुई है जिसकी जांच अनुसंधान डिप्टी ताराचंद चौधरी कुचामन को सौंपी गई है ।
भोली देवी के एक लड़का एवं तीन लड़कियां हैं जिसमें से संतरा देवी का ससुराल फुलेरा है और उसके चांदी सोने के आभूषण अपनी मां भोली देवी के घर गुड्डा साल्ट के यहां रखे हुए थे जो दो सोने की अंगूठी जेंट्स, दो अंगूठी सोने की लेडीस ,एक मंगलसूत्र सोने का ,एक कानों का टोपस जोड़ी ,2 लांग सोने के जेंट्स जोड़ी, एक पाजेब जोड़ी चांदी की, 2 सिक्के चांदी के 12300 रुपये नगद रखे हुए थे जो घर से जाते वक्त सोने चांदी के आभूषण व नगदी दोहिती काजल दिनेश जाट के बहकावे में आकर लेकर भाग गई जिसका पता भोली देवी को रिपोर्ट दर्ज करने के बाद घर आकर चला और काजल के मिलने के बाद काजल ने गहने और नगदी ले जाना स्वीकार किया। व हेडकोस्टेबल शम्भू सिंह को एक पर्ची देते हुए कहा था कि सोने चांदी के आभूषण फुलेरा थाने के पिपली का बास निवासी मंगल जाट के पास है जो आरोपी का रिस्तेदार है।
घटना 22 मई 2019 की है और आज 9 दिन से ज्यादा बीत जाने के बाद व एससी एस टी महिला अत्याचार एवं अपहरण का मामला होते हुए भी अनुसंधान अधिकारी ताराचंद चौधरी ने मुलजिम दिनेश जाट को आज दिन तक गिरफ्तार नहीं किया जबकि दोहिती काजल आज दिन नाबालिक है और पुलिस अनुसंधान अधिकारी को समस्त घटनाक्रम के बारे में अवगत करा दिया फिर भी अनुसंधान अधिकारी मामले में शीथलता बरतते हुए मुलजिम के विरुद्ध किसी भी प्रकार की कार्यवाही राजनीतिक दबाववश नहीं कर रहे हैं
भोली देवी ने पत्र में लिखा कि में अनपढ़ अशिक्षित हु मेरी लाचारी का फायदा अनुसंधान अधिकारी व आरोपी के परिवार वाले उठा रहे हैं। मेरी दोहिती को ना चाहते हुए किसी भी प्रकार की जानकारी दिए बिना ही नारी निकेतन भेज दिया गया। ओर मुलजिम के विरुद्ध आज दिन तक कोई कार्रवाई नहीं की गई लड़के के पिता ओकर मल द्वारा मुझे डराया धमकाया गया और मुकदमा उठाने के लिए दबाव बनाया जा रहा है व परेशान किया जा रहा है
भोली देवी ने पत्र में निवेदन किया है कि अनुसंधान अन्य किसी निष्पक्ष उच्च अधिकारी द्वारा कराया जाकर मुलजिम को शीघ्र गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
इनका कहना है-
अनुसंधान अधिकारी सी ओ ताराचंद चौधरी कुचामन इस मामले की जांच कर रहे हैं ।इसकी जानकारी वो ही दे सकते हैं हम नहीं।
थानाधिकारी नावा सतीश मीणा,
फोटो 01 भोली देवी युवती की नानी न्यायालय परिसर में बैठी हुई।
फोटो 02 पीड़ित पक्ष के लोग न्याय के लिए भटकते हुए।

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