भीनमाल के स्थानीय कोठारी कीर्ति स्तम्भ में राष्ट्र संत आचार्य पद्मसागर सूरीश्वर महाराजा ने त्रिदिवसीय महोत्सव के दूसरे दिन शुक्रवार को प्रवचन देते हुए कहा कि हमें धन के कार्य में नहीं वरन् धर्म के कार्य में समय व्यतीत करना चाहिए । उन्होंने कहा कि पुण्य कर्मों से ही लक्ष्मी का आगमन होता है । श्रद्धा से की गई भक्ति कभी निष्फल नहीं जाती । आचार्य ने जगडू शाह का उदाहरण देते हुए कहा कि उसने प्रतिज्ञा ली थी कि एक भी प्राणी दुष्काल में नहीं मरे । उस प्रतिज्ञा की पालना में उसे स्वयं प्राण गवाने पड़े । आचार्य ने त्याग की चर्चा करते हुए कहा कि हमें जीवन में सबसे प्रिय वस्तु का त्याग करना चाहिए । हम जिस चीज का उपयोग नहीं करते हैं, उसका ही त्याग कर लेते हैं । ऐसा करने से त्याग का महत्व कम हो जाता हैं ।आज के समय में मनुष्य डाक्टर की बात विशेष रूप से मानता है । जबकि हम परमात्मा की बात पर विश्वास नहीं करते हैं । लोग डाक्टर की सलाह को परमात्मा की सलाह से भी बढ़ कर मानते हैं । आचार्य ने जीवदया पर विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि पहले के जमाने में सूर्य वंश के राजपूतों ने भी जीवदया के नियम का पालन किया था । उन्होंने जैन धर्म के बारे में बताया कि हमें कभी भी धर्म का रास्ता नहीं छोड़ना चाहिए ।
इस अवसर पर माणकचंद कोठारी, मदनलाल वेद मूथा, माणकमल भंडारी, हेमराज मेहता, उमराव सेठ, पारसमल, कपूरचंद, घेवरचंद, मुकेश, जयन्ती, रमेश, महेन्द्र, मांगीलाल, पुखराज सहित कई लोग उपस्थित थे ।
ओढाई कांबली
जैनाचार्य पद्मसागर सूरीश्वर महाराज को भीनमाल जैन संघ के द्वारा काबंली ओढाई गयी ।
आज 72 जिनालय तीर्थ में
मीडिया प्रभारी माणकमल भंडारी ने बताया कि जैनाचार्य पद्मसागर सूरीश्वर, प्रशांतसागर म. सा. आदि मुनि मंडल शनिवार को 72 जिनालय तीर्थ में प्रवेश करेंगे ।
चातुर्मास प्रवेश 13 को
जैनाचार्य पद्मसागर सूरीश्वर एवं मुनि मंडल का आगामी चातुर्मास अहमदाबाद में आयोजित होगा । अहमदाबाद में आगामी 13 जुलाई को घुम घाम पूर्वक चातुर्मास प्रवेश होगा । इस हेतु मारवाड़ के विभिन्न स्थानो से गुरु भक्त अहमदाबाद पंहुचेगे। इनके मंगल प्रवेश के अवसर पर देश भर के विभिन्न स्थानो से गुरु भक्त अहमदाबाद पंहुच कर गुरु भक्ति का परिचय देगे ।

0 comments:
Post a Comment